लोकसभा चुनाव 2019: 'मोदी जी की सेना' कहने पर 150 पूर्व सैन्य अधिकारी नाराज़, राष्ट्रपति को लिखी चिट्ठी

तीनों सेनाओं के आठ पूर्व प्रमुखों समेत 150 से अधिक सेना के पूर्व अफ़सरों ने राष्ट्रपति को चिट्ठी लिखकर सेना के राजनीतिकरण पर नाराज़गी ज़ाहिर की है.

इसमें कहा गया है कि 'सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर राजनेता श्रेय ले रहे हैं और सेना को मोदी जी की सेना कहा जा रहा है.'

चिट्ठी में कहा गया है कि चुनाव प्रचार में सेना की वर्दी का इस्तेमाल और पोस्टरों में सैनिकों की तस्वीरों, ख़ासकर वायु सेना के विंग गमांडर अभिनंदन की तस्वीरों का इस्तेमाल किया जा रहा है. इस पर चेतावनी भी दी गई लेकिन हमें अफ़सोस है कि इन कार्यवाहियों से नेताओं के व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया है.

सैन्य अधिकारियों ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और एकता के लिए ख़तरा बताया है और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से सेना के सेक्युलर और अराजनीतिक चरित्र को बरक़रार रखने की अपील की है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर अपनी चुनावी रैली में पहली बार वोट देने जाने वालों मतदताओं को राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर वोट देने के लिए कहा.

महाराष्ट्र के अहमदनगर में शुक्रवार को एक चुनावी रैली में उन्होंने कहा, "जो इस बार पहली बार वोट देने जाने वाले हैं मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता आपको मंज़ूर है."

मोदी ने कहा, "कांग्रेस और NCP ऐसे लोगों के साथ खड़ी है, जो कह रहे हैं कि जम्मू-कश्मीर को भारत से अलग कर देंगे. मुझे कांग्रेस से कोई उम्मीद नहीं है लेकिन शरद पवार क्यों चुप हैं."

पहले चरण के मतदान को लेकर बसपा प्रमुख मायावती ने एक बयान जारी कर कहा है कि ईवीएम में आई गड़बड़ियों पर चुनाव आयोग संज्ञान ले.

बयान में कहा गया है कि पहले चरण के मतदान के दौरान ईवीएम मशीनों में फिर एक बार बीजेपी के पक्ष में आई गड़बड़ी और दलित समाज के लोगों को बोलिंग बूथों पर जाने से रोकने के लिए पुलिस का घोर दुरुपयोग गंभीर मुद्दा है.

बसपा मुखिया ने कहा है कि चुनाव आयोग इन गंभीर अनियमितताओं का पूरी गंभीरता से संज्ञान लेकर इसका संतोषजनक समाधान निकाले ताकि अगले चरणओं में लोगों को ऐसी कोई शिकायत नहीं मिले.

विवादित बयान को लेकर चुनाव आयोग ने गुरुवार को बसपा प्रमुख मायावती और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कारण बताओ नोटिस जारी किया.

बीते रविवार को सहारनपुर में सपा-बसपा-आरएलडी महागठबंधन की पहली संयुक्त रैली में मायावती ने बीजेपी और कांग्रेस को एक ही सिक्के के दो पहलू बताते हुए मुसलमानों से अपील की थी कि वह अपना वोट बंटने न दें और महागठबंधन को वोट दें.

वहीं, बाद में योगी आदित्यनाथ ने मेरठ में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा था, "अगर कांग्रेस, सपा, बसपा को 'अली' पर विश्वास है तो हमें भी 'बजरंगबली' पर विश्वास है. और मैं कहना चाहता हूं कि कांग्रेस, सपा, बसपा, लोकदल इस बात को मान चुके हैं कि बजरंगबली के अनुयायी उन्हें कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे."

नामांकन के पहले उन्होंने हवन किया और एक रोड शो के बाद पर्चा भरने पहुँचीं. इस दौरान उनके बेटे और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, उनकी बेटी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, प्रियंका के पति रॉबर्ड वाड्रा और नाती रेहान और नातिन मिराया मौजूद थे.

सोनिया गांधी 2004 से लगातार रायबरेली का प्रतिनिधित्व करती रही हैं. इससे पहले वो 1999 में अमेठी से सांसद चुनी गई थीं.

वहीं पड़ोसी ज़िले अमेठी से बीजेपी की ओर से स्मृति इरानी ने भी पूजा अर्चना के बाद पर्चा भरा. उनके साथ उनके पति भी मौजूद थे. स्मृति इरानी वहाँ एक बार फिर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को चुनौती दे रही हैं.

इससे पहले वो यहां रोड शो कर रहे थे. उनके साथ पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, रॉबर्ट वाड्रा सहित पार्टी के सैंकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे.

राहुल गांधी पिछले 15 सालों से यहां से जीतते रहे हैं. यहां उनके ख़िलाफ़ मैदान में बीजेपी की तरफ से स्मृति इरानी होंगी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण पर चुनाव आयोग ने संज्ञान लेते हुए चुनाव अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, महाराष्ट्र के मुख्य चुनाव अधिकारी को जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपने का आयोग ने आदेश दिया है.

महाराष्ट्र के लातूर में एक रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने पुलवामा का नाम लेते हुए कहा था, "मैं पहली बार वोट देने वालों से कहना चाहता हूं कि क्या आपका पहला वोट उन वीर जवानों को समर्पित होगा, जिन्होंने पाकिस्तान में हवाई हमला किया था. क्या आपका पहला वोट पुलवामा के शहीदों को समर्पित होगा."

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